#contactlesscreditcardtransaction and #contactlessdebitcardtransaction, also known as #wificreditcardtransaction or #wifidebitcardtransaction.
.........................................................................
Today's video is all about Advantages and disadvantages of these types of card and how to enable or disable contactless transaction facity.
--------------------------------------------------------------------------
Contactless Debit-Credit Card: कॉन्टैक्टलेस डेबिट कार्ड या कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड के बारे में आपने जरूर सुना होगा, जिनसे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट हो जाते हैं. यानी बिना मशीन में स्वैप किए और बिना पिन डाले ही पेमेंट हो जाता है. हो सकता है आपके पास भी ऐसा क्रेडिट या डेबिट कार्ड हो, जिन्हें Wi-Fi इनेबल्ड कार्ड कहा जाता है.
अगर आपने गौर नहीं किया है तो अपने पर्स में से निकालकर चेक कर लीजिए आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर एक ऐसा सिंबल होगा, जो देखने में एकदम वाई-फाई के चिह्न जैसा लगता हो, तो समझिए आपके पास कॉन्टैक्टलेस कार्ड है. इसके फायदे भी हैं, लेकिन अगर ध्यान नहीं रखा तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. फायदे-नुकसान जानने से पहले यह जानते हैं कि ये काम कैसे करता है.
वाई-फाई इनेबल क्रेडिट-डेबिट कार्ड, जिन्हें कॉन्टेक्टलेस कार्ड भी कहा जाता है, उनसे बिना पिन इस्तेमाल किए पीओएस मशीन से 5,000 रुपये का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है. ऐसे कार्ड की रेंज 4 सेंटीमीटर है और इससे एक समय में एक ही ट्रांजेक्शन किया जा सकता है
--------------------------------------------------------------------------
Contactless card के फायदे
पेमेंट में बिल्कुल वक्त नहीं लगता. कार्ड को स्वाइप किए बिना पेमेंट हो जाता है.
अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड को किसी को देने की जरूरत नहीं होती.
छोटे लेनेदेन के लिए पासवर्ड पंच-इन करने की जरूरत नहीं होती है.
इससे खर्च की डिजिटल लिस्ट तैयार होती जाती है.
20 हजार से नीचे की पेमेंट में ही इस फीचर का इस्तेमाल हो सकता है.
5000 रुपए तक के ट्रांजेक्शन के लिए पिन डालना भी जरूरी नहीं होता.
--------------------------------------------------------------------------
Contactless card के नुकसान
यदि आपकी जेब में वाई-फाई क्रेडिट-डेबिट कार्ड है तो ठग आपकी जेब में पीओएस मशीन टच करके पैसे निकाल सकते हैं.
अब चूंकि इसमें सिर्फ पीओएस मशीन से कार्ड को टच करके पेमेंट हो सकता है. किसी तरह के पिन की जरूरत नहीं होती. ऐसे में कोई भी आपके कार्ड से आसानी से पेमेंट कर सकता है. इसमें ओटीपी की जरूरत भी नहीं होती. आरबीआई ने इस कार्ड के जरिए पेमेंट की लिमिट 2 हजार रुपये तय कर रखी थी जिसे बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया है. इससे ज्यादा के पेमेंट के लिए पिन डालना जरूरी होता है.
------------------------------------------------------------------------
#shorts #ytshorts #youtubeshorts #contactlesscardkefayde #contactlesstransaction #wificreditcard #wifidebitcard #himveergroup #contactlesskardkenuksan #howtodisablecontactlesstransactionfacility
#creditcardfraud #debitcardfraud
--------------------------------------------------------------------------
My inspiration to join youtube and to make videos are
#technicalguruji
#algrow
#a2motivationalvideos
#khansirpatna
--------------------------------------------------------------------------
Thanks for watching
.........................................................................
Today's video is all about Advantages and disadvantages of these types of card and how to enable or disable contactless transaction facity.
--------------------------------------------------------------------------
Contactless Debit-Credit Card: कॉन्टैक्टलेस डेबिट कार्ड या कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड के बारे में आपने जरूर सुना होगा, जिनसे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट हो जाते हैं. यानी बिना मशीन में स्वैप किए और बिना पिन डाले ही पेमेंट हो जाता है. हो सकता है आपके पास भी ऐसा क्रेडिट या डेबिट कार्ड हो, जिन्हें Wi-Fi इनेबल्ड कार्ड कहा जाता है.
अगर आपने गौर नहीं किया है तो अपने पर्स में से निकालकर चेक कर लीजिए आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर एक ऐसा सिंबल होगा, जो देखने में एकदम वाई-फाई के चिह्न जैसा लगता हो, तो समझिए आपके पास कॉन्टैक्टलेस कार्ड है. इसके फायदे भी हैं, लेकिन अगर ध्यान नहीं रखा तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. फायदे-नुकसान जानने से पहले यह जानते हैं कि ये काम कैसे करता है.
वाई-फाई इनेबल क्रेडिट-डेबिट कार्ड, जिन्हें कॉन्टेक्टलेस कार्ड भी कहा जाता है, उनसे बिना पिन इस्तेमाल किए पीओएस मशीन से 5,000 रुपये का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है. ऐसे कार्ड की रेंज 4 सेंटीमीटर है और इससे एक समय में एक ही ट्रांजेक्शन किया जा सकता है
--------------------------------------------------------------------------
Contactless card के फायदे
पेमेंट में बिल्कुल वक्त नहीं लगता. कार्ड को स्वाइप किए बिना पेमेंट हो जाता है.
अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड को किसी को देने की जरूरत नहीं होती.
छोटे लेनेदेन के लिए पासवर्ड पंच-इन करने की जरूरत नहीं होती है.
इससे खर्च की डिजिटल लिस्ट तैयार होती जाती है.
20 हजार से नीचे की पेमेंट में ही इस फीचर का इस्तेमाल हो सकता है.
5000 रुपए तक के ट्रांजेक्शन के लिए पिन डालना भी जरूरी नहीं होता.
--------------------------------------------------------------------------
Contactless card के नुकसान
यदि आपकी जेब में वाई-फाई क्रेडिट-डेबिट कार्ड है तो ठग आपकी जेब में पीओएस मशीन टच करके पैसे निकाल सकते हैं.
अब चूंकि इसमें सिर्फ पीओएस मशीन से कार्ड को टच करके पेमेंट हो सकता है. किसी तरह के पिन की जरूरत नहीं होती. ऐसे में कोई भी आपके कार्ड से आसानी से पेमेंट कर सकता है. इसमें ओटीपी की जरूरत भी नहीं होती. आरबीआई ने इस कार्ड के जरिए पेमेंट की लिमिट 2 हजार रुपये तय कर रखी थी जिसे बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया है. इससे ज्यादा के पेमेंट के लिए पिन डालना जरूरी होता है.
------------------------------------------------------------------------
#shorts #ytshorts #youtubeshorts #contactlesscardkefayde #contactlesstransaction #wificreditcard #wifidebitcard #himveergroup #contactlesskardkenuksan #howtodisablecontactlesstransactionfacility
#creditcardfraud #debitcardfraud
--------------------------------------------------------------------------
My inspiration to join youtube and to make videos are
#technicalguruji
#algrow
#a2motivationalvideos
#khansirpatna
--------------------------------------------------------------------------
Thanks for watching
- Категория
- Банки кредиты
Комментариев нет.









